जिंदगी की परिस्थितियाँ मजबूर करतीं हैं अगर,
तो आ छोड दे हम ये जहाँ,
मिल जायें मौत से हम अगर,
तो मौत ही होगी हमारा मुकद्दर |
……………………….. Shubhashish(2000)
Tags: कला, कविता, मुकद्दर, मुक्तक, शुभाशीष, शेर, Shubhashish
जिंदगी की परिस्थितियाँ मजबूर करतीं हैं अगर,
तो आ छोड दे हम ये जहाँ,
मिल जायें मौत से हम अगर,
तो मौत ही होगी हमारा मुकद्दर |
……………………….. Shubhashish(2000)
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Easiest Collage maker.
just try it once
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