1)
मायूसी भरे होते हैं हालात,
आसुओं से बरसते हैं जज्बात,
किसी और से बिछड़ के भी शायद न रोते,
पर कैसे हसें जब प्याज काटे हैं ये हाथ |
2)
जीवन के हर मोड़ पर बस तुने ही साथ निभाया है,
तुने ही हर रोज़ पलकों पर एक नया ख्वाब सजाया है,
पर अब कुछ दिन के लिए माफ़ करो हे निद्रा देवी,
अब exam बिल्कुल सर पे आया है|
……………………………. Shubhashish
1st april special


