शिकवा नहीं इस के सिवा
April 8, 2008 by Shubhashish Pandey
जिदंगी खत्म होने को है पर जिया कुछ भी नहीं,
गम तो बहुत मिले पर खुशीयां कुछ भी नहीं,
फिर भी कोई शिकवा नहीं इस के सिवा जिंदगी से,
वो तो हमारे सबकुछ हो गये पर हम उनके कुछ भी नहीं|
…………………………………….. Shubhashish(2004)



बढ़िया है
bahut khub
badhiya