जो राह दिखाइ है तुने उसी पर जाउगां,
ये सच है कि मै तुझे कभी भूल नहीं पाउगां,
पर अब जब बख्शे है तुने मेरी आँखों को आँसु ही,
तो पुरी जिंदगी मै आसुओं का साथ ही निभाउगां|
……………………Shubhashish(2004)
Tags: कला, कविता, मुक्तक, शायरी, शुभाशीष, शेर, हाँ, Kavita, muqtak, shayari, Shayari - Muqtak, Sher, Shubhashish




wah kya baat kahi,jo raah dikhayi tune usi par jayenge..bahut badhiya
जो राह दिखाइ है तुने उसी पर जाउगां,
ये सच है कि मै तुझे कभी भूल नहीं पाउगां,
पर अब जब बख्शे है तुने मेरी आँखों को आँसु ही,
तो पुरी जिंदगी मै आसुओं का साथ ही निभाउगां|