कितनी बार तुने मेरा दिल दुखाया,
पर मैने तुझे कभी रोका नही था,
मैने तुझे दिल से चाहा था,
ये जज्बात का कोई झोंका नहीं था,
जब तुमने ठुकरा दिया तो लगा,
बस कुछ ही दिनो की बात है,
पर तुम जुदा हो के इतना याद आओगे,
दिल ने शायद कभी सोचा नहीं था|
………………………. Shbuhashish(2004)
कभी सोचा नहीं था
April 14, 2008 by Shubhashish Pandey
Posted in Shayari - Muqtak | Tagged कला, कविता, मुक्तक, शायरी, शुभाशीष, शेर, हाँ, Kavita, muqtak, shayari, Shayari - Muqtak, Sher, Shubhashish | 8 Comments
8 Responses
Leave a Reply
-
Comming soon
Next -
जय जय हो reality show
-
Read in your own script
-
Recent Posts
-
Best 5 (Public View)
-
My All Posts
-
All rights reserved
©2008 All rights reserved.© सर्वाधिकार सुरक्षित
यहाँ प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार लेखक के पास सुरक्षित हैं। लेखक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। -
Comment Please
आप का इस ब्लोग पर हार्दिक स्वागत है| आप के द्वारा इस ब्लोग का अवलोकन करना मेरे लिए सौभाग्य है और उसके प्रतिक्रिया स्वरुप आपके मस्तिष्क में उठने वाले विचार मेरी इस मेहनत का परिणाम| ये विचार जैसे भी हैं मेरे लिए पुरस्कार हैं| कृपया उचित टिप्पणी देकर मार्गदर्शन करें
धन्यवाद -
सांख्यिकी
- 35,634 hits
-
हाल की शीर्ष रचनायें
-
Recent Comments
Ravi chaurasia on जूली – A real story Ravi chaurasia on चरित्रहीन – The call… abhishek on तुम रहे जब तक abhishek on उम्मीद Ravi Malhan on चरित्रहीन – The call… नीरज बधवार on The back bencherz Ravindra on खुदा ये कैसा फैसला तेरा shiv on जिन्दा shiv on रात भर Jitendra Singh Chauh… on कभी अकेला नही छोडा -
साहित्य जगत
Archives



शब्दों से खेलना आता है आपको। अच्छा लगा।
बहुत खूब.
अत्यन्त सुंदर !
khub bhalo achhe
khoob……
बहुत सुंदर
Dev Prakash ji,Atul ji, Ravindra ji, mehek ji , anurag ji aur muskan ji aap sabhi logo ka bahut bahut dhanyvad
Aap Ki Shayari mujhe Bagut Pasand aayi ho sake ko Please aap apni Shayari mujhe email kare mera Email hai :- http://www.lahotigopal@gmail.com
Thanks