प्यार सामने होता है

प्यार सामने होता है उससे इकरार सामने होता है,
हम जिससे मोहब्बत करते हैं उसका इन्तजार सामने होता है,
इस दबे हुए दिल मे भी तब आँसू कि लडी लग जाती है,
जब किसी गैर कि बाहों मे अपना यार सामने होता है|
…………………………… Shubhashish(2005)

{संदर्भ :- कॉलेज में अकसर दो दोस्तों को एक ही लड़की पसंद होती है, अब बेचारा दूसरा दोस्त सिर्फ सब कुछ देखता है की जिसे वो पसंद करता है उसका wait उसी के सामने  कोई और कर रहा है   :P , मजाक नहीं यार, भावनाओ को समझो }

5 Responses to “प्यार सामने होता है”

  1. राजीव रंजन प्रसाद Says:

    अच्छा है :)

    *** राजीव रंजन प्रसाद

  2. mehek Says:

    :):)ha ha bahut khub,lagta hai aaj kal aap apne college ko bada miss kar rahe hai:) ;)

  3. समीर लाल Says:

    सही!!! :)

  4. shubhashishpandey Says:

    dhnayavad rajiv ji, sameer ji aur mehek ji.

    mehek ji college me bita har lamha bhulaye nahin bhulta :) aur unhe yaad karna bhi achha lagta hai

  5. sharad Says:

    shubhashishji in lino k madhyam se aap bahut kuch kah gaye aur bahut kuch samajh gaye.
    aapka ijhare bayan hume pasand aaya

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