ना नींद रहे ना चैन रहे , कुछ समझ ना मन को आये !
जब एक झलक की आस लिए दिल नाम वही दोहराये !
कभी हँसता है कभी रोता है क्या हुआ है इस पागल को !
इस इश्क का हाल तो जाने वही, ये रोग जिसे लग जाये !
तड़पता है मचलता है बस तेरी याद करता है !
तुझसे मिलने की कोशिश दिल मेरा दिन-रात करता है!
———————– Shubhashish




हाल ही की टिप्पणियाँ