मर्यादा और प्रेम सिखाती घडी की दो सुइयां
प्रेम में एक दुसरे से मिलने को चलती रहतीं हैं,
पास आती हैं, एक पल के लिए एक हो जाती हैं,
पर मर्यादा निभाने को फिर से चल पड़ती हैं,
इस वादे के साथ की फिर मिलेंगे ……
….. मर्यादा और प्रेम सिखाती घडी की दो सुइयां
Shubhashish
Tags: मर्यादा और प्रेम, hindi poetry, maryada, prem, Sher, Shubhashish, shubhashish pandey, Vichar




waah sir bahut khoob prateekatmakta…
वाह बहुत सुन्दर
dhanyavad dileep ji aur suman ji
innovative prateek….
shukriya