Tags: कला, कविता, मुक्तक, शायरी, शुभाशीष, शेर, hindi poem, hindi poetry, Kavita, Shayari - Muqtak, Sher, Shubhashish, shubhashish pandey
5 Responses to “यूँ हीं….”
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बहुत ही अच्छा।
dhanyavad Praveen ji
आप युहीं इत्ना अच्छा लिखते !!!!!!!!……..
पढ कर अच्छा लगा………
……….शर्मिला
आप युहीं इत्ना अच्छा लिखते !!!!!!!!……..
पढ कर अच्छा लगा………
……….शर्मिला
Bahut bahut shukriya sharmi ji