About …

कभी हसाती कभी रुलाती, अपने में जीवन के तमाम रंगो को घोले हुए ये जिंदगी जाने किन किन गलियों से गुजरती है, पर जिंदगी का हर मोड़ अपने पीछे कुछ एहसास छोड़ जाता है| चाहे खट्टे हो या मीठे पर कलम चलाने वालो के लिए ये एहसास बहुत मायने रखते है क्यूंकि कई बार ये एहसास हे उन्हें कलम उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं ……….शायद मेरी तरह.

… Incomplete…


मन की सारी संवेदनायें जब खुद के लिये शब्द ढूंढने को निकलती है तो अंत मे सिर्फ एक ही शब्द मिलता है और वो है ‘अपूर्ण (अधूरा) ‘ । मै नहीं जानता कि यही एहसास हर किसी को होता है या नहीं, पर कभी-कभी जब रात के सन्नाटे में मै काले और शांत आकाश को देखता हूँ तो जाने क्यों एक अजीब से अधूरेपन का एहसास दिल को चाक कर जाता है। और फिर शुरु होता है सिलसिला खुद से सवाल-जवाब का। पर सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि….. आखिर क्यो हैं ये एहसास……..एक अधूरापन…….एक Incompleteness….

शेरो-शायरी मेरी नजर में

“शेर”॰॰॰ कहने को बस चंद पंक्तिया, पर अपने आप में ना जाने कितनी गहराईयों को छुपाये हुये हैं। शेरो-शायरी को देखने का नज़रिया लोगों का भले ही कुछ भी हो पर ये लिखने वाले के दिल की वो छटपटाहट होती है जिसे वो रात-दिन महसुस करता है। और यही बेचैनी जब शब्दों का रूप ले के उसके कलम से निकलती है तो पढने वाले के दिल को भी झकझोर जाती है और छोड जाती है अपने पीछे कई सवाल जिनके जावाब ॰॰॰॰ शायद कहीं नही होते॰॰॰॰

मै कौन हूँ

अपने आस्तित्व को तलाशता मैं बस यूँ ही कभी-कभी लिख देता हूँ पर आज ये लेखनी भी अपना आस्तित्व ढूढने लगी है। मैं कौन हूँ शायद इस सवाल का जवाब तो मेरे पास नहीं हैं पर हां खुद को ढुढने मे शायद मेरी लेखनी का कुछ आस्तित्व बन जाये॰॰॰

जिनके जवाब नहीं मिलते
वो सवाल बताता हूँ
जो लोगो के लिये दिल मे आते हैं
वो खयाल बताता हूँ
मुझे नहीं करनी आती
ये शायरी-वायरी
मैं तो बस इन पन्नों को
दिल का हाल बताता हूँ .
———-Shubhashish(2005)

उत्सुक प्रवृति ने कई दिशा में दौड़ाया दर्शन और मनोविज्ञान से स्नातक होने के बाद फ़िलहाल मैं एक सोफ्टवेयर इंजिनियर हूँ | जैसा की दर्शन मेरा विषय रह चूका है सो हर घटना या व्यक्ति को विभिन्न दृष्टिकोणों से समझने का प्रयास करता हूँ | १९९८ से शेर लिखना शुरू किया जब मैं ग्यारहवीं कक्षा का विद्यार्थी था  पर कविता अपनी अभियांत्रिकी (इंजीनियरिंग) के दौरान लिखना शुरू किया

जिनमे खुशबू नहीं वो फूल हूँ मैं ,
किसी गुबार की कोई कोई धुल हूँ मैं,
काम आ पाया किसी दोस्त के तो, शुक्र है खुदा का
वर्ना यहीं समझूंगा की बस यूँ ही फिजूल हूँ मैं,
…………….. आपका शुभाशीष

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Shubhashish Pandey

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10 Responses to “About …”

  1. RAKESH KUMAWAT मार्च 31, 2008 at 11:42 पूर्वाह्न #

    i have to want daily my mail id please reached you my id
    thanks

  2. Tosha अप्रैल 4, 2008 at 4:07 अपराह्न #

    hhhmmm…!! Nice ..:)

  3. Asit मई 10, 2008 at 3:59 अपराह्न #

    कभी हसाती कभी रुलाती, अपने में जीवन के तमाम रंगो को घोले हुए ये जिंदगी जाने किन किन गलियों से गुजरती है, पर जिंदगी का हर मोड़ अपने पीछे कुछ एहसास छोड़ जाता है| चाहे खट्टे हो या मीठे पर कलम चलाने वालो के लिए ये एहसास बहुत मायने रखते है क्यूंकि कई बार ये एहसास हे उन्हें कलम उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं ……….शायद मेरी तरह.

    bohot bohot khub….kavi ke prerna….jindagi ke ehsaas…beautifully expressed….

  4. Shubhashish Pandey मई 11, 2008 at 11:46 पूर्वाह्न #

    dhanyavad Tosha ji
    dhanyavad asit ji

  5. Dalton Gerth अप्रैल 12, 2009 at 8:18 अपराह्न #

    Hi :

    I see your work at http://1dc.net/album/

    Please I need your e@mail to talk about a service.

    Thank u

    D.Gerth, Ph.D.
    Webmaster CACP

  6. Shubhashish Pandey मई 7, 2009 at 8:57 पूर्वाह्न #

    Hi Dalton,

    My email-id is shubhashishpandey@gmail.com.
    You can contact me here.

    Thanks
    -Shubhashish

  7. स्वप्नेश चौहान मई 7, 2011 at 9:10 पूर्वाह्न #

    darshan har shabd se tapakta hai aapke…
    dil ki bhaavnaaon ko achchhe shabd de dete hain aap…
    bahut barhiya…

  8. komal rajpoot नवम्बर 27, 2014 at 2:04 अपराह्न #

    bhut acha likhte h aap sir…. bhut ache bhaw h apke….. kya apne koi book likhi h??
    me b thoda bhut likhti hu but aapk tarah nahi….

    • Shubhashish Pandey 'Aalsi' दिसम्बर 19, 2015 at 8:18 पूर्वाह्न #

      Bahut bahut shukriya Komal ji, main bas thoda bahut likh leta hoon jaise aaj karib 2 saal ke baad kuchh likha hai…..
      koi book to nahi likha hai jo hai so yahi blog hai…
      aap likhti hai to use jari rakhen likna apne aap me bahut khubsurat hai meri shubhkamayein aapke sath hain.

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