कोशिश कर के हार गए

21 जुलाई

दिल में दर्द दबाने की
आँखों में नमी छुपाने की
हर कोशिश कर के हार गए
हम तेरी याद भूलाने की

तेरी चाहत में हमने
हर दर्द को समझा थोड़ा था
उस रोज बिखर गए टूट के हम
जब तुमने भी भी मुंह मोडा था
रोते रहे थे रात भर
बाकी फिर भी समंदर था
जाने कितना दर्द अभी भी
इस सीने के अंदर था

फिर आदत हो गयी दिल को
वक़्त गम के साथ बिताने की
हर कोशिश कर के हार गए
हम तेरी याद भूलाने की
……………………… Shubhashish

7 Responses to “कोशिश कर के हार गए”

  1. paramjitbai जुलाई 21, 2008 at 7:09 पूर्वाह्न #

    bahut badhiyaa!

    फिर आदत हो गयी दिल को
    वक़्त गम के साथ बिताने की
    हर कोशिश कर के हार गए
    हम तेरी याद भूलाने की

  2. ritu bansal जुलाई 21, 2008 at 11:14 पूर्वाह्न #

    सुन्दर रचना।

  3. sameerlal जुलाई 21, 2008 at 2:24 अपराह्न #

    बहुत उम्दा, बधाई.

  4. उमेश कुमार जुलाई 21, 2008 at 3:42 अपराह्न #

    ….इनकी भी सुन लीजिये जनाब…”अब ये भी ठीक नहीं की हर दर्द मिटा दें….,कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए है…..”

  5. Shubhashish Pandey जुलाई 22, 2008 at 10:30 पूर्वाह्न #

    paramjit ji, ritu ji ,sameer ji umesh ji aap sabhi logo ka ise padhne ke liye shukriya

  6. gopal Negi अगस्त 2, 2008 at 6:27 पूर्वाह्न #

    bahut achhi kosis hai yaad bhulane ki bhi

    aur

    Yaad anne ki bhi

  7. Shubhashish Pandey अगस्त 4, 2008 at 9:27 पूर्वाह्न #

    dhanyavad gopal ji

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